In Hindi - Constantine

कॉन्स्टेंटाइन ने सिर्फ ईसाई धर्म को स्वतंत्रता ही नहीं दी, बल्कि उसके भीतर एकता स्थापित करने का भी प्रयास किया। 325 ईस्वी में उन्होंने 'निकिया की परिषद' (Council of Nicaea) बुलाई। यह ईसाई इतिहास की पहली विश्वव्यापी परिषद थी, जिसमें ईसा मसीह के देवत्व और त्रिएकत्व (ट्रिनिटी) सिद्धांत को मान्यता दी गई। इस परिषद ने नाइसिन पंथ (Nicene Creed) की रचना की, जो आज भी कई ईसाई संप्रदायों में प्रार्थना का हिस्सा है।

कॉन्स्टेंटाइन ने एक और ऐतिहासिक निर्णय लिया। उन्होंने रोम को छोड़कर बोस्फोरस जलडमरूमध्य के किनारे बसे प्राचीन शहर 'बीजान्टियम' को नई राजधानी बनाने का फैसला किया। 330 ईस्वी में इस शहर का उद्घाटन हुआ और इसे 'नोवा रोमा' (न्यू रोम) नाम दिया गया, लेकिन यह 'कॉन्स्टेंटिनोपल' (आज का इस्तांबुल) के नाम से प्रसिद्ध हुआ। यह शहर अगले हज़ार सालों तक ईसाई दुनिया की राजधानी रहा। constantine in hindi

कॉन्स्टेंटाइन द ग्रेट केवल एक सम्राट नहीं थे, बल्कि एक युग-प्रवर्तक थे। उन्होंने प्राचीन रोमन दुनिया को मध्ययुगीन और बीजान्टिन दुनिया में बदल दिया। उनके कारण ही ईसाई धर्म भूमिगत गुफाओं से निकलकर विशाल गिरिजाघरों तक पहुंचा। आज भी जब इतिहासकार उनके शासनकाल का विश्लेषण करते हैं, तो वे उन्हें मानव इतिहास के सबसे प्रभावशाली शासकों में गिनते हैं। कॉन्स्टेंटाइन के बिना, रोम और यूरोप का इतिहास पूरी तरह से अलग होता। constantine in hindi