यहाँ प्रस्तुत है आइस एज (हिम युग) पर एक गहन और भावनात्मक रचना (हिंदी कविता/गद्यांश):
और असली संघर्ष अब भी वही है: पिघलना, या पिघलाना। जीवित रहना, या सिर्फ़ सहना। यदि आप चाहें तो मैं इसी विषय पर कोई भी लिख सकता हूँ। बस संकेत दीजिए। ice age in hindi
पर सबसे गहरा दृश्य था— एक माँ का अपने बच्चे को सीने से लगाए बर्फ़ीले तूफ़ान में बैठना। उसकी आँखों में डर नहीं था, बल्कि वो आग थी, जो हर जमी हुई रात को पिघला सकती थी— अगर वक़्त उसका साथ देता। या पिघलाना। जीवित रहना